बेटी के जन्म के साथ ही ज़्यादातर माता-पिता के मन में एक सवाल आता है: उसकी पढ़ाई और शादी के लिए पैसा कहाँ जमा करें? बैंक वाले FD की सलाह देते हैं, रिश्तेदार LIC की, और डाकघर वाले सुकन्या समृद्धि योजना की। इसी बीच कोई दोस्त कहता है कि PPF सबसे सुरक्षित है। नतीजा यह होता है कि कई परिवार या तो फैसला टालते रहते हैं या बिना समझे कोई भी खाता खुलवा लेते हैं।
इस लेख में हम सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की हर पहलू से तुलना करेंगे: ब्याज दर, लॉक-इन, निकासी के नियम, टैक्स, जोखिम, और सबसे ज़रूरी बात, आपकी बेटी की उम्र और आपके परिवार की स्थिति के हिसाब से कौन सा विकल्प बेहतर बैठता है। लेख के अंत तक आप खुद तय कर पाएंगे कि आपको एक खाता खोलना है, दोनों खोलने हैं, या किसी और विकल्प की ज़रूरत है।
सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?
सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की एक छोटी बचत योजना है, जिसे 2015 में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत शुरू किया गया था। इसका मकसद साफ़ है: बेटी की उच्च शिक्षा और शादी के लिए माता-पिता को लंबी अवधि में अनुशासित बचत की आदत डालना। यह खाता सिर्फ़ बेटी के नाम पर खुलता है और माता-पिता या कानूनी अभिभावक इसे चलाते हैं।
इस योजना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- खाता बेटी के जन्म से लेकर उसकी 10 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले तक खोला जा सकता है।
- एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए खाता खुल सकता है। जुड़वां या तीन बच्चियों के एक साथ जन्म जैसी विशेष स्थिति में यह सीमा बढ़ जाती है।
- एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं।
- पैसा खाता खुलने की तारीख से 15 वर्ष तक जमा करना होता है।
- खाता खुलने की तारीख से 21 वर्ष पूरे होने पर परिपक्व (मैच्योर) होता है।
- खाता डाकघर और अधिकृत बैंकों (SBI, PNB, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, HDFC, ICICI आदि) में खोला जा सकता है।
एक बात जो बहुत कम लोग समझते हैं: 15 वर्ष तक जमा करने के बाद अगले 6 वर्ष आपको कुछ भी जमा नहीं करना होता, लेकिन खाते पर ब्याज मिलता रहता है। यही वह हिस्सा है जो SSY की अंतिम रकम को काफ़ी बड़ा बना देता है।
PPF क्या है?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड भी सरकार समर्थित छोटी बचत योजना है, लेकिन यह किसी खास वर्ग के लिए नहीं है। कोई भी भारतीय नागरिक अपने नाम पर PPF खाता खोल सकता है, और नाबालिग बच्चे के नाम पर अभिभावक खाता खोल सकता है। PPF का उद्देश्य लंबी अवधि की सुरक्षित बचत और रिटायरमेंट के लिए फंड बनाना है।
PPF की मुख्य विशेषताएं:
- अवधि 15 वर्ष की होती है, जिसके बाद इसे 5-5 वर्ष के ब्लॉक में जितनी बार चाहें बढ़ाया जा सकता है।
- एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं।
- तीसरे से छठे वर्ष के बीच खाते पर लोन लिया जा सकता है।
- सातवें वर्ष से हर साल आंशिक निकासी की अनुमति है।
- एक व्यक्ति के नाम पर केवल एक PPF खाता हो सकता है।
ध्यान रखें कि अपने नाम के PPF और नाबालिग बच्चे के नाम के PPF, दोनों को मिलाकर एक वित्त वर्ष में कुल जमा ₹1.5 लाख से ज़्यादा नहीं हो सकता। यह नियम बहुत से परिवार नहीं जानते और गलती से ज़्यादा पैसा जमा कर देते हैं, जिस पर बाद में ब्याज नहीं मिलता।
ब्याज दर: किसमें ज़्यादा फायदा?
दोनों योजनाओं की ब्याज दर सरकार हर तिमाही (तीन महीने) में तय करती है। पिछले कई वर्षों से सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर PPF से लगभग एक प्रतिशत ज़्यादा रही है। उदाहरण के लिए, लंबे समय तक SSY पर लगभग 8.2% और PPF पर लगभग 7.1% ब्याज मिलता रहा है। खाता खोलने से पहले डाकघर या वित्त मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना में मौजूदा दर ज़रूर जांच लें, क्योंकि यह बदल सकती है।
एक प्रतिशत का अंतर सुनने में छोटा लगता है, लेकिन 15 से 21 वर्ष की अवधि में यह लाखों रुपये का फर्क पैदा करता है। चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) का यही जादू है: जितनी लंबी अवधि, उतना बड़ा असर।
दोनों योजनाओं में ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख से महीने के अंत तक के सबसे कम बैलेंस पर होती है, और ब्याज साल के अंत में खाते में जुड़ता है। इसलिए एक छोटी सी आदत आपको हर साल अतिरिक्त ब्याज दिला सकती है: हर महीने या हर साल का पैसा 5 तारीख से पहले जमा करें। अगर आप साल में एक बार पूरी रकम जमा करते हैं, तो अप्रैल की 5 तारीख से पहले करना सबसे अच्छा रहता है।
एक उदाहरण से समझिए असली फर्क
मान लीजिए आप हर साल ₹1.5 लाख (अधिकतम सीमा) जमा करते हैं, और मान लेते हैं कि पूरी अवधि में ब्याज दर स्थिर रहती है: SSY पर 8.2% और PPF पर 7.1%। यह केवल समझाने के लिए एक अनुमानित गणना है, वास्तविक रकम उस समय की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी।
| विवरण | सुकन्या समृद्धि योजना | PPF |
|---|---|---|
| सालाना जमा | ₹1,50,000 | ₹1,50,000 |
| जमा करने की अवधि | 15 वर्ष | 15 वर्ष |
| कुल जमा राशि | ₹22,50,000 | ₹22,50,000 |
| अनुमानित ब्याज दर | 8.2% | 7.1% |
| 15 वर्ष पर अनुमानित राशि | लगभग ₹44–45 लाख | लगभग ₹40–41 लाख |
| परिपक्वता | 21 वर्ष पर | 15 वर्ष पर |
| परिपक्वता पर अनुमानित राशि | लगभग ₹69–72 लाख | लगभग ₹40–41 लाख |
यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि SSY में आख़िरी 6 साल आप कोई पैसा नहीं डालते, फिर भी रकम ₹44 लाख से बढ़कर लगभग ₹70 लाख तक पहुँच जाती है। PPF में भी आप 15 साल बाद खाते को 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं और बिना जमा किए ब्याज कमा सकते हैं, लेकिन तब भी कम ब्याज दर के कारण अंतिम रकम SSY से कम रहेगी।
लेकिन यह तुलना अधूरी है। सवाल सिर्फ़ यह नहीं है कि किसमें ज़्यादा पैसा बनता है, बल्कि यह भी है कि पैसा कब और कितनी आसानी से आपके हाथ आता है। यहीं पर PPF अपनी जगह बनाता है।
लॉक-इन और निकासी के नियम
सुकन्या समृद्धि योजना में निकासी
SSY एक बहुत सख्त योजना है। इसमें पैसा आसानी से नहीं निकाला जा सकता, और यही इसकी खूबी भी है और कमी भी।
- बेटी की उम्र 18 वर्ष होने के बाद, या 10वीं कक्षा पास करने के बाद, उच्च शिक्षा के लिए पिछले वित्त वर्ष के अंत के बैलेंस का अधिकतम 50% निकाला जा सकता है। इसके लिए प्रवेश का प्रमाण या फीस की रसीद देनी होती है।
- बेटी की उम्र 18 वर्ष होने के बाद उसकी शादी के समय खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है। शादी से एक महीने पहले से लेकर तीन महीने बाद तक यह आवेदन किया जा सकता है।
- खाताधारक बेटी की मृत्यु, गंभीर बीमारी, या अभिभावक की मृत्यु जैसी विशेष परिस्थितियों में खाता समय से पहले बंद करने की अनुमति है।
यानी अगर आपको बीच में किसी पारिवारिक आपात स्थिति के लिए पैसा चाहिए, तो SSY आपकी मदद नहीं करेगा।
PPF में निकासी और लोन
PPF थोड़ा ज़्यादा लचीला है:
- तीसरे वित्त वर्ष से छठे वित्त वर्ष तक, खाते के बैलेंस के आधार पर लोन लिया जा सकता है, जिस पर ब्याज PPF दर से थोड़ा ही ज़्यादा होता है।
- सातवें वित्त वर्ष से हर साल एक बार आंशिक निकासी की अनुमति है।
- पाँच वर्ष पूरे होने के बाद गंभीर बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा, या विदेश में बसने जैसी स्थितियों में खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है, हालांकि इसमें ब्याज पर कुछ कटौती होती है।
इसलिए अगर आपकी आय अनिश्चित है या परिवार में कोई और वित्तीय ज़रूरत आ सकती है, तो PPF आपको थोड़ी सांस लेने की जगह देता है।
टैक्स लाभ: दोनों में EEE स्टेटस
दोनों योजनाएं “EEE” श्रेणी में आती हैं। इसका मतलब है:
- जमा राशि पर छूट (Exempt): पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को जमा राशि पर कटौती का लाभ मिलता है, जो पहले धारा 80C के तहत मिलता था।
- ब्याज पर छूट (Exempt): हर साल मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री है।
- परिपक्वता राशि पर छूट (Exempt): अंत में मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स-फ्री है।
यहाँ एक ज़रूरी बात समझ लें। अगर आप नई टैक्स व्यवस्था चुनते हैं, तो जमा राशि पर कटौती का लाभ नहीं मिलता, लेकिन ब्याज और परिपक्वता राशि फिर भी टैक्स-फ्री रहती है। यानी नई व्यवस्था में भी ये योजनाएं आकर्षक बनी रहती हैं, खासकर SSY, क्योंकि इतनी ऊंची टैक्स-फ्री गारंटीड रिटर्न वाली योजनाएं बहुत कम हैं।
इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हुआ है, जिसमें कई धाराओं के नंबर बदले गए हैं। इसलिए टैक्स फाइल करते समय पुराने धारा नंबरों पर निर्भर न रहें और अपने CA या आयकर पोर्टल से मौजूदा प्रावधान ज़रूर जांचें।
जोखिम और सुरक्षा
दोनों योजनाएं भारत सरकार द्वारा समर्थित हैं, इसलिए मूलधन और घोषित ब्याज डूबने का जोखिम लगभग शून्य है। बैंक FD पर केवल ₹5 लाख तक का बीमा (DICGC) होता है, लेकिन इन योजनाओं में जमा पूरी रकम पर सरकारी गारंटी होती है।
हालांकि दो तरह के “छिपे” जोखिम ज़रूर हैं:
- ब्याज दर का जोखिम: दरें हर तिमाही तय होती हैं। अगर भविष्य में दरें घटती हैं, तो आपकी अनुमानित रकम कम हो जाएगी। ऊपर की तालिका में दिए आंकड़े गारंटी नहीं हैं।
- महंगाई का जोखिम: अगर शिक्षा की महंगाई हर साल 10% बढ़ रही है और आपको 8% मिल रहा है, तो असल में आपकी क्रय शक्ति घट रही है। इसलिए केवल SSY या PPF पर निर्भर रहने के बजाय लंबी अवधि के लिए कुछ हिस्सा इक्विटी म्यूचुअल फंड में रखने पर भी विचार किया जा सकता है।
किसके लिए कौन सा विकल्प बेहतर?
अब आते हैं असली सवाल पर। कोई एक जवाब सबके लिए सही नहीं है। अपनी स्थिति के हिसाब से नीचे दिए परिदृश्य देखें।
स्थिति 1: बेटी 0 से 5 वर्ष की है
यह SSY के लिए सबसे अच्छा समय है। बेटी के 18 वर्ष होने तक आपके पास 15 साल की पूरी जमा अवधि होगी, और उच्च शिक्षा के लिए 50% निकासी भी उपलब्ध होगी। बाकी पैसा 21 वर्ष पर शादी या करियर के लिए मिलेगा। इस स्थिति में SSY को प्राथमिकता देनी चाहिए।
स्थिति 2: बेटी 8 से 10 वर्ष की है
खाता अभी भी खुल सकता है, लेकिन ध्यान दें कि परिपक्वता खाता खुलने से 21 वर्ष बाद होगी, यानी बेटी लगभग 29–31 वर्ष की होगी। उच्च शिक्षा के समय आपको केवल 50% तक ही मिल पाएगा। ऐसे में SSY और PPF दोनों में बाँटकर निवेश करना समझदारी है, ताकि पढ़ाई के समय PPF से भी पैसा निकाला जा सके।
स्थिति 3: बेटी 10 वर्ष से बड़ी है
SSY का विकल्प अब उपलब्ध नहीं है। आप बेटी के नाम या अपने नाम पर PPF खोल सकते हैं, या अवधि कम होने पर म्यूचुअल फंड और रेकरिंग डिपॉजिट का मिश्रण चुन सकते हैं।
स्थिति 4: आपकी आय अनिश्चित है
अगर आप फ्रीलांसर, दुकानदार या किसान हैं और हर साल एक जैसी आय नहीं होती, तो न्यूनतम राशि (SSY में ₹250) के साथ खाता चालू रखें और बाकी बचत ऐसी जगह रखें जहाँ से ज़रूरत पड़ने पर पैसा निकल सके। पहले एक इमरजेंसी फंड ज़रूर बनाएं, ताकि किसी आपात स्थिति में आपको बेटी का खाता न छेड़ना पड़े।
स्थिति 5: टैक्स बचत मुख्य उद्देश्य है
अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था में हैं और ₹1.5 लाख की कटौती पूरी करना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि दोनों योजनाएं उसी एक सीमा में आती हैं। बेटी है तो पहले SSY भरें, क्योंकि ब्याज ज़्यादा है। उसके बाद भी सीमा बचे तो PPF में डालें।
दोनों खाते साथ चलाने की रणनीति
बहुत से समझदार परिवार दोनों खाते साथ चलाते हैं। एक व्यावहारिक तरीका यह है:
- बेटी के नाम पर SSY: शिक्षा और शादी के लक्ष्य के लिए। इसे न छूने वाला पैसा मानें।
- अपने नाम पर PPF: रिटायरमेंट और लचीलेपन के लिए। ज़रूरत पड़ने पर इससे लोन या निकासी ली जा सकती है।
- म्यूचुअल फंड SIP: महंगाई को मात देने और लंबी अवधि में बड़ी रकम बनाने के लिए। SIP और लंपसम में कौन बेहतर है, यह भी समझ लें।
इस तरह आपका पैसा सुरक्षा, लचीलेपन और वृद्धि, तीनों के बीच बँट जाता है।
खाता कैसे खोलें: स्टेप बाय स्टेप
सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की प्रक्रिया
- नज़दीकी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में जाएं। कई बैंक अब नेट बैंकिंग से भी यह सुविधा देते हैं।
- SSY खाता खोलने का फॉर्म भरें।
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र जमा करें।
- अभिभावक का पहचान पत्र (आधार, PAN) और पते का प्रमाण दें।
- अभिभावक की पासपोर्ट साइज़ फोटो लगाएं।
- पहली जमा राशि (कम से कम ₹250) नकद, चेक या ऑनलाइन जमा करें।
- पासबुक प्राप्त करें और उसमें नॉमिनेशन और विवरण की जांच कर लें।
PPF खाता खोलने की प्रक्रिया
- ज़्यादातर बैंक अब नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप से कुछ मिनटों में PPF खाता खोलने की सुविधा देते हैं।
- आधार और PAN के साथ KYC पूरा होना चाहिए।
- नॉमिनी का नाम ज़रूर जोड़ें।
- पहली जमा राशि (कम से कम ₹500) डालें।
आम गलतियाँ जो लोग करते हैं
1. साल का न्यूनतम जमा भूल जाना: अगर किसी साल न्यूनतम राशि जमा नहीं हुई, तो खाता “डिफ़ॉल्ट” हो जाता है। इसे चालू करने के लिए हर चूके हुए साल के लिए ₹50 जुर्माना और न्यूनतम राशि जमा करनी पड़ती है। बेहतर है कि ऑटो-डेबिट या स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन लगा दें।
2. 5 तारीख के बाद जमा करना: जैसा ऊपर बताया, इससे उस महीने का ब्याज छूट जाता है। छोटी रकम लगती है, पर 15 साल में यह हज़ारों रुपये बनती है।
3. PPF में ₹1.5 लाख से ज़्यादा जमा करना: अपने और बच्चे के PPF को मिलाकर सीमा से ज़्यादा जमा की गई राशि पर ब्याज नहीं मिलता।
4. एक ही बेटी के दो SSY खाते खोलना: एक बेटी के नाम पर केवल एक SSY खाता हो सकता है। दूसरा खाता बाद में बंद कर दिया जाता है।
5. केवल इन्हीं पर निर्भर रहना: 15–20 साल बाद उच्च शिक्षा का खर्च आज से कई गुना होगा। गारंटीड योजनाएं नींव हैं, पूरी इमारत नहीं।
6. बीमा न लेना: अगर कमाने वाले सदस्य को कुछ हो जाए, तो SSY में पैसा जमा करना बंद हो सकता है। इसलिए पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस ज़रूरी है। टर्म क्लेम क्यों रिजेक्ट होते हैं, यह जानने के लिए हमारा लेख टर्म इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट क्यों होता है पढ़ें।
परिपक्वता पर पैसा कैसे मिलता है?
जब SSY खाता 21 वर्ष पूरे करता है, तो बेटी (जो अब वयस्क है) खुद खाता बंद करने का आवेदन देती है। इसके लिए उसे अपना पहचान पत्र, पते का प्रमाण, पासबुक और बैंक खाते का विवरण देना होता है। पूरी रकम सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। ध्यान दें कि बेटी के 18 वर्ष होने के बाद खाते का संचालन उसे खुद करना होता है, इसलिए उस समय तक उसके KYC दस्तावेज़ तैयार रखें।
PPF में 15 वर्ष पूरे होने पर आपके पास तीन विकल्प होते हैं: पूरा पैसा निकाल कर खाता बंद करना, बिना नई जमा के खाते को 5 वर्ष के लिए बढ़ाना, या नई जमा के साथ 5 वर्ष के लिए बढ़ाना। नई जमा के साथ बढ़ाने के लिए परिपक्वता के एक वर्ष के भीतर फॉर्म जमा करना ज़रूरी है, वरना खाता अपने आप बिना जमा वाले विकल्प में चला जाता है। रिटायरमेंट के करीब लोग अक्सर PPF को इसी तरह बढ़ाते रहते हैं, क्योंकि यह टैक्स-फ्री और सुरक्षित ब्याज का आसान ज़रिया बना रहता है।
SSY बनाम PPF: एक नज़र में तुलना
| मानदंड | सुकन्या समृद्धि योजना | PPF |
|---|---|---|
| कौन खोल सकता है | 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के लिए | कोई भी भारतीय नागरिक |
| न्यूनतम सालाना जमा | ₹250 | ₹500 |
| अधिकतम सालाना जमा | ₹1.5 लाख | ₹1.5 लाख |
| जमा अवधि | 15 वर्ष | 15 वर्ष (बढ़ाई जा सकती है) |
| परिपक्वता | 21 वर्ष | 15 वर्ष |
| ब्याज दर (ऐतिहासिक रूप से) | ज़्यादा | थोड़ी कम |
| लोन सुविधा | नहीं | हाँ, तीसरे से छठे वर्ष तक |
| आंशिक निकासी | 18 वर्ष के बाद, शिक्षा हेतु 50% तक | सातवें वर्ष से |
| टैक्स स्टेटस | EEE | EEE |
| लचीलापन | कम | मध्यम |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या नाना-नानी या दादा-दादी बेटी के नाम SSY खाता खोल सकते हैं?
नहीं, खाता केवल माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही खोल सकते हैं। हालांकि परिवार का कोई भी सदस्य खाते में पैसा जमा करने में मदद कर सकता है।
क्या SSY खाता एक शहर से दूसरे शहर ट्रांसफर हो सकता है?
हाँ, खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर या बैंक में, और बैंक से डाकघर में ट्रांसफर किया जा सकता है। पते के बदलाव का प्रमाण देना होता है।
अगर बेटी 21 वर्ष से पहले विदेश में बस जाए तो?
अगर बेटी की नागरिकता या निवास स्थिति बदलती है, तो खाते के नियम बदल सकते हैं। ऐसी स्थिति में डाकघर या बैंक को सूचित करना ज़रूरी है।
क्या PPF खाता बेटी के नाम भी खोल सकते हैं?
हाँ, नाबालिग के नाम PPF खुल सकता है, लेकिन आपके अपने PPF और उसके PPF को मिलाकर सालाना सीमा ₹1.5 लाख ही रहेगी।
ब्याज दर घट जाए तो क्या पुराने जमा पर भी कम ब्याज मिलेगा?
हाँ। इन योजनाओं में ब्याज दर “लॉक” नहीं होती। हर तिमाही जो दर घोषित होती है, वह उस तिमाही में पूरे बैलेंस पर लागू होती है। यह FD से अलग है, जहाँ दर पूरी अवधि के लिए तय होती है।
क्या SSY में ऑनलाइन पैसा जमा कर सकते हैं?
हाँ, बैंक खाते के लिए नेट बैंकिंग से, और डाकघर खाते के लिए IPPB (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
21 वर्ष के बाद पैसा न निकालें तो क्या होगा?
परिपक्वता के बाद भी पैसा खाते में रहने पर उस पर ब्याज मिलना बंद हो सकता है। इसलिए परिपक्वता पर पैसा निकाल लें या उचित जगह दोबारा निवेश करें।
SSY या PPF के बदले म्यूचुअल फंड बेहतर हैं क्या?
लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड ने ऐतिहासिक रूप से ज़्यादा रिटर्न दिए हैं, लेकिन उनमें बाज़ार का जोखिम होता है और रिटर्न की गारंटी नहीं है। बेहतर यह है कि गारंटीड योजनाओं और म्यूचुअल फंड दोनों का संतुलित मिश्रण रखें।
निष्कर्ष
अगर आपकी बेटी 10 वर्ष से छोटी है और आप ऐसी बचत चाहते हैं जो सुरक्षित हो, टैक्स-फ्री हो और लंबी अवधि में बड़ी रकम बनाए, तो सुकन्या समृद्धि योजना पहली पसंद होनी चाहिए। इसकी ऊंची ब्याज दर और आख़िरी 6 वर्षों का मुफ्त ब्याज इसे बेजोड़ बनाते हैं।
दूसरी तरफ़, PPF उन परिवारों के लिए बेहतर है जिन्हें लचीलापन चाहिए, जिनकी बेटी की उम्र ज़्यादा है, या जो रिटायरमेंट के लिए भी साथ-साथ बचत करना चाहते हैं। सबसे अच्छी रणनीति अक्सर दोनों को साथ रखना और लंबी अवधि के लिए कुछ हिस्सा इक्विटी में डालना होती है।
याद रखें, सबसे अच्छी योजना वही है जिसे आप 15–21 साल तक बिना रुके निभा सकें। इसलिए उतनी ही राशि तय करें जो आप हर साल आराम से जमा कर सकें, और ऑटो-डेबिट लगाकर इसे भूल जाएं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। ब्याज दरें और नियम सरकार द्वारा समय-समय पर बदले जाते हैं। निवेश करने से पहले डाकघर, बैंक या वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूदा नियम जांचें, और ज़रूरत हो तो किसी पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।