अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ चल रही टी20 सीरीज़ भारत जीत चुका है, और अब असली परीक्षा जापान में है। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में क्रिकेट का मौजूदा चैंपियन है। यानी इस बार टीम इंडिया के सामने जीतने की नहीं, बचाने की चुनौती है — और वह भी एक ऐसे प्रारूप में जहाँ एक ख़राब दिन पूरे अभियान को ख़त्म कर देता है।
दिल्ली में सीरीज़ पर क़ब्ज़ा
15 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में खेले गए दूसरे टी20 में भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को सात विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। टॉस जीतकर भारत ने गेंदबाज़ी चुनी और अफ़ग़ानिस्तान 20 ओवर में 159 रन पर आठ विकेट गँवा बैठा। कप्तान इब्राहिम ज़दरान ने 33 गेंदों पर 37 रन बनाए, दरविश रसूली ने 15 गेंदों पर 26 और मोहम्मद नबी ने 14 गेंदों पर 20 रन जोड़े। पारी की सबसे तेज़ पारी राशिद ख़ान की रही — 16 गेंदों पर 28 रन।
भारत की ओर से नीतीश कुमार रेड्डी ने तीन ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट लिए और प्लेयर ऑफ़ द मैच बने। अर्शदीप सिंह को दो सफलताएँ मिलीं, जबकि जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई ने एक-एक विकेट लिया। 160 रन का पीछा करते हुए भारत ने सिर्फ़ 14.5 ओवर में 163 रन बना लिए। संजू सैमसन ने 22 गेंदों पर 57 रन की पारी खेली, जिसमें उनका अर्धशतक सिर्फ़ 20 गेंदों में पूरा हुआ — अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ किसी भारतीय बल्लेबाज़ का टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे तेज़ पचासा। दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा ने 19 गेंदों पर 39 और ईशान किशन ने 23 गेंदों पर नाबाद 38 रन बनाए। यह भारत की लगातार पाँचवीं टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत रही। सीरीज़ का तीसरा और आख़िरी मैच 17 सितंबर को इसी मैदान पर खेला जाना है।
एशियाई खेलों में क्रिकेट का पूरा कार्यक्रम
क्रिकेट के मुक़ाबले आइची प्रान्त के निशिन शहर स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में होंगे। महिला वर्ग की प्रतियोगिता 17 सितंबर से शुरू हो रही है और 22 सितंबर तक चलेगी, जिसमें आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारतीय महिला टीम अपना अभियान 18 सितंबर को जापान के ख़िलाफ़ क्वार्टर फ़ाइनल से शुरू करेगी। पुरुष वर्ग में दस टीमें हैं और मुक़ाबले 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेंगे — दोनों सेमीफ़ाइनल 1 अक्टूबर को और कांस्य तथा स्वर्ण पदक के मैच 3 अक्टूबर को। सभी मैच टी20 प्रारूप में होंगे और उन्हें अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिला हुआ है।
एशियाई खेलों में क्रिकेट की यह चौथी उपस्थिति है। इससे पहले यह खेल 2010 (ग्वांगझोउ), 2014 (इंचियोन) और 2023 (हांगझोउ) में शामिल रहा है। 2023 में भारत ने पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में स्वर्ण जीता था — हालाँकि पुरुष वर्ग का फ़ाइनल अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ पूरी तरह बारिश में धुल गया था और भारत को ऊँची अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर स्वर्ण दिया गया था। महिला टीम ने वह पदक कठिन रास्ते से जीता था, फ़ाइनल में श्रीलंका को 19 रन से हराकर।
भारतीय पुरुष टीम और सबसे चर्चित नाम
बीसीसीआई ने पुरुष वर्ग के लिए श्रेयस अय्यर की कप्तानी में 15 सदस्यीय टीम चुनी है, जिसमें तिलक वर्मा उपकप्तान हैं। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी शामिल हैं। तीन अतिरिक्त खिलाड़ी भी टीम के साथ जापान जा रहे हैं। महिला टीम में एक बदलाव करना पड़ा — चोट के कारण जेमिमा रोड्रिग्स बाहर हो गईं और उनकी जगह प्रतिका रावल को शामिल किया गया।
सबसे ज़्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की है, जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें यह मौक़ा आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद मिला, जहाँ वे ऑरेंज कैप जीतने में कामयाब रहे। सीरीज़ पहले ही जीत चुके होने के कारण 17 सितंबर के आख़िरी टी20 में टीम प्रबंधन के पास प्रयोग करने की गुंजाइश है, और कई लोगों की नज़र इसी बात पर है कि जापान रवाना होने से पहले उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला अनुभव मिलता है या नहीं।
चुनौती कहाँ से आएगी
काग़ज़ पर भारत सबसे मज़बूत टीम है, लेकिन एशियाई खेलों का प्रारूप काग़ज़ की ताक़त को कम अहमियत देता है। नॉकआउट मुक़ाबलों में एक स्पैल, एक कैच या एक बारिश से प्रभावित मैच पूरा समीकरण बदल देता है — 2023 का धुला हुआ फ़ाइनल इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है। अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसी टीमें टी20 में किसी भी दिन बड़ा उलटफेर करने की क्षमता रखती हैं, और अफ़ग़ानिस्तान के पास तो भारत से हिसाब बराबर करने की अतिरिक्त वजह भी होगी।
दूसरी चुनौती परिस्थितियों की है। दिल्ली की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाज़ी के अनुकूल पिच पर 160 रन का लक्ष्य मामूली लगता है, लेकिन सितंबर के अंत में जापान की ठंडी और नम परिस्थितियाँ बिल्कुल अलग खेल माँगेंगी। वहाँ नई गेंद ज़्यादा हरकत करेगी, स्कोर कम बनेंगे, और स्पिनरों के मुक़ाबले शुरुआती गेंदबाज़ी ज़्यादा निर्णायक हो सकती है। ऐसे में बुमराह और अर्शदीप की जोड़ी भारत की सबसे बड़ी पूँजी दिखती है।
क्रिकेट के लिए यह आयोजन क्यों अहम है
एशियाई खेलों में क्रिकेट का होना सिर्फ़ एक और ट्रॉफ़ी का मामला नहीं है। बहु-खेल आयोजनों में शामिल होने से क्रिकेट को उन देशों में पहचान और सरकारी समर्थन मिलता है जहाँ यह खेल हाशिये पर है — जापान की टीम इसका अच्छा उदाहरण है। यही रास्ता आगे चलकर ओलंपिक तक जाता है, जहाँ क्रिकेट लॉस एंजेलिस 2028 में लंबे इंतज़ार के बाद वापसी करने जा रहा है। उस लिहाज़ से आइची-नागोया भारतीय टीम के लिए एक तरह का पूर्वाभ्यास भी है।
भारतीय प्रशंसकों के लिए अगले दो हफ़्ते व्यस्त रहने वाले हैं — 17 सितंबर को दिल्ली में सीरीज़ का आख़िरी मैच, 18 सितंबर को महिला टीम का क्वार्टर फ़ाइनल, और 24 सितंबर से पुरुष वर्ग की शुरुआत। दो स्वर्ण पदकों की रक्षा दाँव पर है, और इस बार बारिश के भरोसे कोई नहीं रहना चाहेगा।