राजस्थान का सामान्य परिचय – Rajasthan Geography Notes Chapter 1

राजस्थान का नामकरण कैसे हुआ

राजस्थान का नामकरण एक लंबी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है। यह एक दिन में नहीं हुआ बल्कि कई चरणों में पूरा हुआ।

प्राचीन नाम और उल्लेख

वसंतगढ़ शिलालेख (625 ईस्वी / विक्रम संवत 682)

  • यह राजस्थान के सिरोही जिले के वसंतगढ़ में खीमल माता के मंदिर से प्राप्त हुआ है
  • चावड़ा वंश के राजा वर्मलात द्वारा उत्कीर्ण
  • इस शिलालेख में सर्वप्रथम “राजस्थानीयादित्य” शब्द का प्रयोग किया गया

रामायण में उल्लेख

  • महर्षि वाल्मीकि ने अपनी रचना रामायण में राजस्थान को “मरुकान्तर” (मरुस्थल का क्षेत्र) कहा है

मुगलकाल में नामकरण

  • मुगल सम्राट अकबर ने सर्वप्रथम इस समूचे क्षेत्र को एक प्रादेशिक इकाई का स्वरूप दिया
  • अजमेर सूबे का संगठन कर पूरे क्षेत्र को एकीकृत किया

राजपूताना नाम की उत्पत्ति

जॉर्ज थॉमस (1800 ईस्वी)

  • सर्वप्रथम जॉर्ज थॉमस ने 1800 ईस्वी में इस क्षेत्र को “राजपूताना” नाम दिया
  • राजपूताना का अर्थ है “राजपूतों का देश”

विलियम फ्रैंकलिन (1805 ईस्वी)

  • 1805 में “मिलिट्री मेमोयर्स ऑफ मिस्टर जॉर्ज थॉमस” पुस्तक में राजपूताना शब्द का प्रयोग किया

ब्रिटिश काल

  • अंग्रेजों के शासनकाल में अजमेर में राजपूताना एजेंसी की स्थापना की गई
  • यह प्रदेश आधिकारिक रूप से “राजपूताना” के नाम से जाना जाने लगा

राजस्थान नाम का विकास

कर्नल जेम्स टॉड (1829 ईस्वी)

  • कर्नल जेम्स टॉड ने राजस्थान नामकरण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया
  • 1829 में प्रकाशित पुस्तक “एनल्स एंड एंटीक्विटीज ऑफ राजस्थान” (Annals and Antiquities of Rajasthan) में पहली बार “राजस्थान” शब्द का प्रयोग किया
  • इसे “द सेंट्रल एंड वेस्टर्न राजपूत स्टेट्स ऑफ इंडिया” भी कहा
  • जेम्स टॉड ने स्थानीय साहित्य और बोलचाल में प्रयुक्त “रायथान” शब्द को राजस्थान में परिवर्तित किया
  • जेम्स टॉड को राजस्थान इतिहास का पितामह कहा जाता है
  • उनके अन्य उपनाम: घोड़े वाला बाबा

अन्य ऐतिहासिक साक्ष्य

  • मुहणोत नैणसी और वीरभाण रतनू की रचना “राजरूपक” में राजस्थान शब्द का उल्लेख
  • जोधपुर के महाराजा भीमसिंह ने 1793 में जयपुर के महाराजा को पत्र में राजस्थान शब्द का प्रयोग किया

आधिकारिक नामकरण

14 जनवरी 1949

  • गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
  • 22 रियासतों के विलय के बाद राजपूताना के स्थान पर “राजस्थान” नाम दिया गया

26 जनवरी 1950

  • भारतीय संविधान लागू होने के साथ आधिकारिक रूप से “राजस्थान” नाम स्वीकृत किया गया

1 नवंबर 1956

  • राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत राजस्थान ने अपना वर्तमान स्वरूप प्राप्त किया

राजस्थान नाम का अर्थ

  • “राजस्थान” = राजा + स्थान
  • अर्थ: राजाओं का स्थान या राजाओं की भूमि

राजस्थान की वैश्विक स्थिति

ग्लोब पर राजस्थान की स्थिति

गोलार्ध के अनुसार

  • उत्तरी गोलार्ध में स्थित (अक्षांशीय दृष्टि से)
  • पूर्वी गोलार्ध में स्थित (देशांतरीय दृष्टि से)

महाद्वीप

  • एशिया महाद्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित
  • दक्षिण एशिया का हिस्सा

एशिया में राजस्थान की स्थिति

एशियाई खंड

  • राजस्थान दक्षिण एशिया के भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा है
  • भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित

प्राचीन भूवैज्ञानिक स्थिति

  • अंगारालैंड (उत्तरी भाग): राजस्थान में इसके अवशेष नहीं
  • गोंडवानालैंड (दक्षिणी भाग): अरावली पर्वत और हाड़ौती पठार इसके अवशेष
  • टेथिस सागर: उत्तर-पश्चिमी मरुस्थल और पूर्वी मैदान इसके अवशेष

भारत में राजस्थान की स्थिति

भारत के कोनों के संदर्भ में

भारत के चार कोण (चतुष्कोण)

  • ईशान कोण (उत्तर-पूर्व): अरुणाचल प्रदेश
  • अग्नि कोण (दक्षिण-पूर्व): आंध्र प्रदेश/तमिलनाडु
  • नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम): केरल/कन्याकुमारी
  • वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम): जम्मू-कश्मीर/लद्दाख/राजस्थान

राजस्थान की स्थिति

  • राजस्थान भारत के वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिमी भाग) में स्थित है
  • यह भारत का पश्चिमी सीमावर्ती राज्य है

दिशा के अनुसार स्थिति

  • उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित
  • भारत का प्रवेश द्वार (पश्चिमी सीमा से)

भौगोलिक स्थिति और विस्तार

राजस्थान का विस्तार

अक्षांशीय विस्तार

  • उत्तरी अक्षांश: 23°03′ उत्तर से 30°12′ उत्तर
  • कुल अक्षांशीय विस्तार: 7°09′ (लगभग 7 डिग्री 9 मिनट)
  • दक्षिणतम बिंदु: कुशलगढ़ तहसील (बांसवाड़ा) – 23°03′ उत्तर
  • उत्तरतम बिंदु: कोणा गांव (श्रीगंगानगर) – 30°12′ उत्तर

देशांतरीय विस्तार

  • पूर्वी देशांतर: 69°30′ पूर्व से 78°17′ पूर्व
  • कुल देशांतरीय विस्तार: 8°47′ (लगभग 8 डिग्री 47 मिनट)
  • पश्चिमतम बिंदु: कटरा गांव (जैसलमेर/सम) – 69°30′ पूर्व
  • पूर्वतम बिंदु: सिलाना/राजाखेड़ा गांव (धौलपुर) – 78°17′ पूर्व

कर्क रेखा और राजस्थान

कर्क रेखा की स्थिति

  • कर्क रेखा (Tropic of Cancer): 23°30′ उत्तरी अक्षांश
  • राजस्थान के दक्षिणी सिरे से होकर गुजरती है

कर्क रेखा से गुजरने वाले जिले

  • बांसवाड़ा जिला (सर्वाधिक लंबाई में गुजरती है)
  • डूंगरपुर जिला

कर्क रेखा से गुजरने वाली तहसीलें

  • बांसवाड़ा: कुशलगढ़, घाटोल
  • डूंगरपुर: आसपुर, सीमलवाड़ा

महत्व

  • कर्क रेखा राजस्थान को उष्ण कटिबंध (Tropical Zone) और उपोष्ण कटिबंध (Sub-Tropical Zone) में विभाजित करती है
  • कर्क रेखा के दक्षिण वाला क्षेत्र उष्ण कटिबंधीय
  • कर्क रेखा के उत्तर वाला क्षेत्र उपोष्ण कटिबंधीय

अन्य तथ्य

  • कर्क रेखा भारत के 8 राज्यों से होकर गुजरती है
  • राजस्थान में यह सबसे कम दूरी तय करती है

समय क्षेत्र (Time Zone)

भारतीय मानक समय (IST)

  • राजस्थान भारतीय मानक समय (IST) का पालन करता है
  • IST = UTC + 5:30 (ग्रीनविच से 5 घंटे 30 मिनट आगे)
  • मानक देशांतर: 82°30′ पूर्व (इलाहाबाद से गुजरने वाली रेखा)

राजस्थान में समय अंतर

  • पूर्व (धौलपुर) और पश्चिम (जैसलमेर) के बीच देशांतरीय अंतर: 8°47′
  • वास्तविक समय अंतर: लगभग 35 मिनट 8 सेकंड
  • गणना: 1° देशांतर = 4 मिनट का अंतर
  • 8°47′ × 4 मिनट = लगभग 35 मिनट 8 सेकंड

व्यावहारिक प्रभाव

  • सूर्योदय धौलपुर में जैसलमेर से लगभग 35 मिनट पहले होता है
  • सूर्यास्त भी धौलपुर में पहले होता है
  • हालांकि, पूरे राजस्थान में एक ही समय (IST) का प्रयोग होता है

क्षेत्रफल और आकार

कुल क्षेत्रफल

  • 3,42,239 वर्ग किलोमीटर
  • 1,32,139 वर्ग मील
  • भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.41% या 10.4%

देश में स्थान

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य (प्रथम स्थान)
  • 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने के बाद राजस्थान सबसे बड़ा राज्य बना

तुलनात्मक आकार

  • इटली (3,01,200 वर्ग किमी) से बड़ा
  • नॉर्वे (3,24,200 वर्ग किमी) के लगभग समान
  • पोलैंड (3,12,600 वर्ग किमी) के लगभग समान
  • श्रीलंका से 5 गुना बड़ा
  • इजरायल से 17 गुना बड़ा
  • इंग्लैंड से दोगुना बड़ा

लंबाई-चौड़ाई

  • उत्तर से दक्षिण लंबाई: 826 किलोमीटर (कोणा गांव, श्रीगंगानगर से कुशलगढ़, बांसवाड़ा तक)
  • पूर्व से पश्चिम चौड़ाई: 869 किलोमीटर (सिलाना/राजाखेड़ा, धौलपुर से सम/कटरा, जैसलमेर तक)
  • अंतर: 43 किलोमीटर (चौड़ाई अधिक है)

राजस्थान की आकृति

मुख्य आकृति

  • विषमकोणीय चतुर्भुज (Rhombus / Irregular Quadrilateral)
  • पतंगाकार (Kite Shape)

आकृति बताने वाले

  • सर्वप्रथम T.H. हेंडले (T.H. Hendley) ने राजस्थान की आकृति बताई
  • वेगनर सिद्धांत पर आधारित

राजस्थान के प्रमुख जिलों की आकृति

त्रिभुजाकार आकृति

  • अजमेर: त्रिभुजाकार (Triangle Shape)

वर्गाकार/चतुर्भुजाकार आकृति

  • टोंक: सम चतुर्भुज/वर्गाकार/पतंगाकार (Square Shape)
  • विशेषता: टोंक की आकृति राजस्थान राज्य की आकृति के समान मानी जाती है

आयताकार आकृति

  • भीलवाड़ा: लगभग आयताकार (Rectangle Shape)

बहुभुजाकार आकृति

  • जैसलमेर: अनियमित बहुभुज या सप्तभुजाकार (Polygon/Heptagon Shape)

मयूराकार/पक्षी आकृति

  • जोधपुर: मयूर या मोर के समान (Peacock Shape)
  • सीकर: उड़ते पक्षी के समान या अर्धचंद्राकार या प्यालेनुमा या कटोरेनुमा (Flying Bird/Crescent/Bowl Shape)

जलीय जीव आकृति

  • जालोर: व्हेल मछली के समान (Whale Fish Shape)
  • धौलपुर और करौली: बतख के समान (Duck Shape)

जानवरों की आकृति

  • भरतपुर: गिलहरीनुमा (Squirrel Shape)
  • हनुमानगढ़: कुर्सी या सोफे या अंग्रेजी के ‘L’ अक्षर के समान (Chair/Sofa/L Shape)
  • चित्तौड़गढ़: घोड़े की नाल या इल्ली के समान (Horse Shoe/Caterpillar Shape)

विशेष आकृति

  • राजसमंद: पानी की बूंद या तिलक के समान (Water Drop/Tilak Shape)
  • उदयपुर: ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के समान (Australia Shape)
  • दौसा: धनुषाकार (Bow Shape)

अन्य महत्वपूर्ण आकृतियां

  • बाड़मेर: लगभग भारत के नक्शे के समान
  • अजमेर संभाग: जम्मू-कश्मीर के समान
  • उदयपुर संभाग: श्रीलंका के समान

मध्य बिंदु (Central Point)

  • राजस्थान का भौगोलिक मध्य बिंदु: लापोलाई गांव (नागौर जिला)
  • मकराना (नागौर) भी भौगोलिक केंद्र माना जाता है

सीमाएं (Boundaries)

कुल सीमा लंबाई

  • कुल सीमा: 5,920 किलोमीटर
  • अंतर्राष्ट्रीय सीमा: 1,070 किलोमीटर (पाकिस्तान के साथ)
  • अंतर्राज्यीय सीमा: 4,850 किलोमीटर

अंतर्राष्ट्रीय सीमा (पाकिस्तान)

सीमा रेखा का नाम

  • रेडक्लिफ रेखा (Radcliffe Line)
  • सर सिरिल रेडक्लिफ द्वारा 1947 में निर्धारित
  • कुल लंबाई: 1,070 किलोमीटर

पाकिस्तान के प्रांत

  • पंजाब प्रांत (उत्तर में)
  • सिंध प्रांत (पश्चिम में)

पाकिस्तान से लगे जिले (उत्तर से दक्षिण क्रम में)

  1. श्रीगंगानगर (सबसे उत्तर में)
  2. बीकानेर – 168 किलोमीटर
  3. फलौदी (नया जिला)
  4. जैसलमेर – 464 किलोमीटर (सबसे लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा)
  5. बाड़मेर (सबसे दक्षिण में)

कुल: 5 जिले

अंतर्राज्यीय सीमाएं

1. पंजाब (89 किमी – सबसे छोटी)

  • सीमावर्ती जिले:
    • श्रीगंगानगर (सबसे लंबी सीमा)
    • हनुमानगढ़ (सबसे छोटी सीमा)
  • कुल: 2 जिले

2. हरियाणा (1,262 किमी)

  • सीमावर्ती जिले:
    • हनुमानगढ़ (सबसे लंबी सीमा)
    • चूरू
    • झुंझुनूं
    • कोटपूतली-बहरोड़
    • खैरथल-तिजारा
    • अलवर
    • डीग
  • कुल: 7 जिले (सबसे अधिक)

3. उत्तर प्रदेश (877 किमी)

  • सीमावर्ती जिले:
    • डीग
    • भरतपुर
    • धौलपुर
  • कुल: 3 जिले

4. मध्य प्रदेश (1,600 किमी – सबसे लंबी अंतर्राज्यीय सीमा)

  • सीमावर्ती जिले:
    • धौलपुर
    • करौली
    • सवाई माधोपुर
    • कोटा
    • बारां
    • झालावाड़ (सबसे लंबी सीमा – 520 किमी)
    • भीलवाड़ा (सबसे छोटी सीमा – 16 किमी)
    • चित्तौड़गढ़
    • प्रतापगढ़
    • बांसवाड़ा
  • कुल: 10 जिले (सबसे अधिक)

5. गुजरात (1,022 किमी)

  • सीमावर्ती जिले:
    • बांसवाड़ा
    • डूंगरपुर
    • उदयपुर (सबसे लंबी सीमा)
    • सिरोही
    • बाड़मेर (सबसे छोटी सीमा – 14 किमी)
  • कुल: 5 जिले

सीमा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • कुल सीमावर्ती जिले: 28 (किसी भी प्रकार की सीमा)
  • अंतर्राष्ट्रीय सीमा वाले जिले: 5 जिले
  • अंतर्राज्यीय सीमा वाले जिले: 27 जिले
  • सबसे लंबी अंतर्राज्यीय सीमा वाला जिला: झालावाड़ (520 किमी)
  • सबसे छोटी अंतर्राज्यीय सीमा वाला जिला: बाड़मेर (14 किमी)
  • दो राज्यों से सीमा बनाने वाले जिले: कई जिले

जो जिले किसी भी सीमा को स्पर्श नहीं करते (आंतरिक जिले – 8)

  1. नागौर
  2. अजमेर
  3. टोंक
  4. बूंदी
  5. राजसमंद
  6. पाली
  7. जोधपुर
  8. दौसा

सर्वाधिक जिलों की सीमा बनाने वाला जिला

  • पाली जिला: 8 जिलों (उदयपुर, राजसमंद, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, जोधपुर) की सीमा को स्पर्श करता है

राजस्थान के 7 संभाग और 41 जिले (2025 अद्यतन)

संभागीय व्यवस्था का इतिहास

  • प्रारंभ: 30 मार्च 1949 – हीरालाल शास्त्री सरकार द्वारा
  • समाप्त: अप्रैल 1962 – मोहनलाल सुखाड़िया सरकार द्वारा
  • पुनः प्रारंभ: 15 जनवरी 1987 – हरिदेव जोशी सरकार द्वारा

वर्तमान स्थिति (2025)

  • कुल संभाग: 7
  • कुल जिले: 41
  • नवीनतम परिवर्तन: 28 दिसंबर 2024 को 9 जिले और 3 संभाग निरस्त

रद्द किए गए 9 जिले (दिसंबर 2024)

  1. दूदू
  2. केकड़ी
  3. शाहपुरा
  4. नीमकाथाना
  5. अनूपगढ़
  6. गंगापुर सिटी
  7. जयपुर ग्रामीण
  8. जोधपुर ग्रामीण
  9. सांचौर

रद्द किए गए 3 संभाग (दिसंबर 2024)

  1. सीकर संभाग
  2. पाली संभाग
  3. बांसवाड़ा संभाग

बरकरार रखे गए 8 नए जिले

  1. बालोतरा (बाड़मेर से अलग)
  2. ब्यावर (अजमेर से अलग)
  3. डीग (भरतपुर से अलग)
  4. डीडवाना-कुचामन (नागौर से अलग)
  5. कोटपूतली-बहरोड़ (जयपुर से अलग)
  6. खैरथल-तिजारा (अलवर से अलग)
  7. फलौदी (जोधपुर से अलग)
  8. सलूंबर (उदयपुर से अलग)

संभाग और उनके जिले (विस्तृत जानकारी)

1. जयपुर संभाग

  • मुख्यालय: जयपुर
  • जिलों की संख्या: 7
  • जिले:
    1. जयपुर (राजधानी – Pink City)
    2. अलवर (सरिस्का टाइगर रिजर्व)
    3. सीकर (शेखावाटी क्षेत्र)
    4. झुंझुनूं (शेखावाटी, हवेलियां)
    5. दौसा
    6. कोटपूतली-बहरोड़ (नया)
    7. खैरथल-तिजारा (नया)

विशेषताएं:

  • राजस्थान की राजधानी
  • UNESCO विश्व धरोहर स्थल
  • शेखावाटी क्षेत्र (हवेलियों के लिए प्रसिद्ध)

2. अजमेर संभाग

  • मुख्यालय: अजमेर
  • जिलों की संख्या: 5
  • जिले:
    1. अजमेर (ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह, पुष्कर)
    2. भीलवाड़ा (टेक्सटाइल सिटी)
    3. नागौर (ऊंट मेला)
    4. टोंक
    5. ब्यावर (नया)

विशेषताएं:

  • सूफी परंपरा का केंद्र
  • टेक्सटाइल उद्योग
  • पुष्कर मेला

3. भरतपुर संभाग

  • मुख्यालय: भरतपुर
  • जिलों की संख्या: 5
  • जिले:
    1. भरतपुर (केवलादेव नेशनल पार्क – UNESCO World Heritage)
    2. धौलपुर
    3. करौली
    4. सवाई माधोपुर (रणथंभौर टाइगर रिजर्व)
    5. डीग (नया)

विशेषताएं:

  • वन्यजीव अभयारण्य
  • ब्रज भाषा और संस्कृति
  • कृष्ण भक्ति परंपरा

4. बीकानेर संभाग

  • मुख्यालय: बीकानेर
  • जिलों की संख्या: 4
  • जिले:
    1. बीकानेर
    2. चूरू (सबसे गर्म जिला)
    3. श्रीगंगानगर (अन्न का कटोरा)
    4. हनुमानगढ़

विशेषताएं:

  • थार मरुस्थल
  • कृषि उत्पादन
  • राजस्थानी-पंजाबी मिश्रित संस्कृति

5. जोधपुर संभाग

  • मुख्यालय: जोधपुर
  • जिलों की संख्या: 8 (सबसे अधिक)
  • क्षेत्रफल: सबसे बड़ा संभाग
  • जिले:
    1. जोधपुर (सूर्य नगरी, ब्लू सिटी)
    2. जैसलमेर (गोल्डन सिटी – सबसे बड़ा जिला)
    3. बाड़मेर
    4. पाली
    5. सिरोही (माउंट आबू)
    6. जालोर
    7. बालोतरा (नया)
    8. फलौदी (नया)

विशेषताएं:

  • थार मरुस्थल का मुख्य भाग
  • सबसे अधिक जिले
  • क्षेत्रफल में सबसे बड़ा संभाग

6. कोटा संभाग

  • मुख्यालय: कोटा
  • जिलों की संख्या: 4
  • जिले:
    1. कोटा (शिक्षा नगरी)
    2. बारां
    3. बूंदी
    4. झालावाड़

विशेषताएं:

  • हाड़ौती क्षेत्र
  • औद्योगिक विकास
  • शिक्षा केंद्र (कोचिंग हब)

7. उदयपुर संभाग

  • मुख्यालय: उदयपुर
  • जिलों की संख्या: 6
  • जिले:
    1. उदयपुर (झीलों की नगरी, White City)
    2. राजसमंद
    3. चित्तौड़गढ़ (चित्तौड़ दुर्ग)
    4. डूंगरपुर
    5. बांसवाड़ा (आदिवासी बहुल)
    6. प्रतापगढ़
    7. सलूंबर (नया)

विशेषताएं:

  • आदिवासी बहुल क्षेत्र
  • अरावली पर्वत श्रृंखला
  • सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र

राजस्थान के सभी 41 जिलों की सूची (वर्णानुक्रम में)

क्रमजिलासंभागविशेषता1अजमेरअजमेरदरगाह शरीफ, पुष्कर2अलवरजयपुरसरिस्का टाइगर रिजर्व3उदयपुरउदयपुरझीलों की नगरी4करौलीभरतपुरकैला देवी मंदिर5कोटाकोटाशिक्षा नगरी6कोटपूतली-बहरोड़जयपुरनया जिला7खैरथल-तिजाराजयपुरनया जिला8श्रीगंगानगरबीकानेरअन्न का कटोरा9चित्तौड़गढ़उदयपुरविजय स्तंभ10चूरूबीकानेरसबसे गर्म11जयपुरजयपुरराजधानी, Pink City12जैसलमेरजोधपुरसबसे बड़ा, Golden City13जालोरजोधपुरसोनगिरी14झालावाड़कोटाहाड़ौती15झुंझुनूंजयपुरशेखावाटी16टोंकअजमेरसुनहरी कोठी17डीगभरतपुरनया जिला18डीडवाना-कुचामनअजमेरनया जिला, नमक उत्पादन19डूंगरपुरउदयपुरआदिवासी बहुल20दौसाजयपुरमीणा बहुल21धौलपुरभरतपुरलाल पत्थर22नागौरअजमेरऊंट मेला23पालीजोधपुरमारवाड़ का अमृत सरोवर24प्रतापगढ़उदयपुरकांठल, देवलिया25फलौदीजोधपुरनया जिला26बालोतराजोधपुरनया जिला27बांसवाड़ाउदयपुरसौ द्वीपों का शहर28बाड़मेरजोधपुरकच्छ मरुस्थल29बारांकोटाशाहबाद30बीकानेरबीकानेरऊंटों का देश31बूंदीकोटाबावड़ियों का शहर32भरतपुरभरतपुरपक्षी विहार33भीलवाड़ाअजमेरटेक्सटाइल सिटी34ब्यावरअजमेरनया जिला35राजसमंदउदयपुरराजसमंद झील36सवाई माधोपुरभरतपुररणथंभौर37सलूंबरउदयपुरनया जिला38सिरोहीजोधपुरमाउंट आबू39सीकरजयपुरशेखावाटी40हनुमानगढ़बीकानेरकालीबंगा सभ्यता41ब्यावरअजमेरनया जिला

भौतिक विभाजन (Physical Divisions)

1. थार मरुस्थल (Thar Desert)

  • स्थिति: पश्चिमी राजस्थान
  • क्षेत्रफल: राज्य का लगभग 61% भाग
  • प्रमुख जिले: जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, चूरू
  • विशेषता: भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल

2. अरावली पर्वत श्रृंखला

  • दिशा: दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व
  • लंबाई: लगभग 692 किमी (राजस्थान में)
  • सर्वोच्च शिखर: गुरु शिखर (1,722 मीटर) – माउंट आबू
  • विभाजक: राजस्थान को दो भागों में विभाजित करती है

3. पूर्वी मैदानी भाग

  • स्थिति: अरावली के पूर्व में
  • विशेषता: उपजाऊ मैदान, अधिक वर्षा
  • प्रमुख जिले: भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली

4. दक्षिणी-पूर्वी पठार

  • क्षेत्र: हाड़ौती पठार
  • प्रमुख जिले: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
  • नदियां: चंबल और उसकी सहायक नदियां

जलवायु विभाजन

1. शुष्क मरुस्थलीय जलवायु

  • क्षेत्र: पश्चिमी राजस्थान
  • वर्षा: 25 सेमी से कम
  • तापमान: गर्मी में 45-49°C, सर्दी में 0-8°C

2. अर्ध-शुष्क जलवायु

  • क्षेत्र: मध्य राजस्थान
  • वर्षा: 25-50 सेमी

3. उप-आर्द्र जलवायु

  • क्षेत्र: दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान
  • वर्षा: 50-75 सेमी

4. आर्द्र जलवायु

  • क्षेत्र: दक्षिणी राजस्थान
  • वर्षा: 75 सेमी से अधिक
  • जिले: झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर

जनसांख्यिकी (Demographics – जनगणना 2011)

जनसंख्या

  • कुल जनसंख्या: 6,85,48,437
  • देश में स्थान: 7वां (जनसंख्या में)
  • जनसंख्या घनत्व: 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
  • लिंगानुपात: 928 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
  • साक्षरता दर: 66.11%

सबसे अधिक जनसंख्या वाले जिले

  1. जयपुर
  2. जोधपुर
  3. अलवर

सबसे कम जनसंख्या वाले जिले

  1. जैसलमेर
  2. प्रतापगढ़
  3. सिरोही

भौगोलिक विशेषताएं

सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल में)

  • जैसलमेर: 38,401 वर्ग किमी

सबसे छोटा जिला (क्षेत्रफल में)

  • डीग: 505 वर्ग किमी

सबसे गर्म स्थान

  • चूरू: ग्रीष्मकाल में सर्वाधिक तापमान

सबसे ठंडा स्थान

  • माउंट आबू (सिरोही): एकमात्र हिल स्टेशन

सर्वाधिक वर्षा

  • झालावाड़ और माउंट आबू क्षेत्र

न्यूनतम वर्षा

  • जैसलमेर और बाड़मेर

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

याद रखने योग्य संख्याएं

  • कुल जिले: 41
  • कुल संभाग: 7
  • क्षेत्रफल: 3,42,239 वर्ग किमी
  • अक्षांश: 23°03’N से 30°12’N
  • देशांतर: 69°30’E से 78°17’E
  • अंतर्राष्ट्रीय सीमा: 1,070 किमी
  • अंतर्राज्यीय सीमा: 4,850 किमी
  • पूर्व-पश्चिम लंबाई: 869 किमी
  • उत्तर-दक्षिण लंबाई: 826 किमी
  • समय अंतर: 35 मिनट 8 सेकंड

सीमाओं की विशेषताएं

  • सबसे लंबी अंतर्राज्यीय सीमा: मध्य प्रदेश (1,600 किमी)
  • सबसे छोटी अंतर्राज्यीय सीमा: पंजाब (89 किमी)
  • सबसे अधिक सीमावर्ती जिले: मध्य प्रदेश (10 जिले)
  • सबसे अधिक हरियाणा से सीमा: 7 जिले

संभाग संबंधी

  • सबसे बड़ा संभाग (क्षेत्रफल): जोधपुर
  • सबसे अधिक जिले वाला संभाग: जोधपुर (8 जिले)
  • सबसे कम जिले वाला संभाग: बीकानेर और कोटा (4-4 जिले)

नए जिलों की जानकारी (2023 में बने, 2025 में बरकरार)

1. बालोतरा

  • मूल जिला: बाड़मेर
  • मुख्यालय: बालोतरा
  • संभाग: जोधपुर
  • तहसीलें: 7 (पचपदरा, कल्याणपुर, सिवाना, समदड़ी, बायतु, गिड़ा, सिणधरी)

2. ब्यावर

  • मूल जिला: अजमेर
  • मुख्यालय: ब्यावर
  • संभाग: अजमेर

3. डीग

  • मूल जिला: भरतपुर
  • मुख्यालय: डीग
  • संभाग: भरतपुर
  • विशेषता: सबसे छोटा जिला (505 वर्ग किमी)
  • तहसीलें: नगर, कुम्हेर, कामां, सीकरी

4. डीडवाना-कुचामन

  • मूल जिला: नागौर
  • मुख्यालय: डीडवाना
  • संभाग: अजमेर
  • विशेषता: नमक उत्पादन

5. कोटपूतली-बहरोड़

  • मूल जिला: जयपुर
  • मुख्यालय: कोटपूतली
  • संभाग: जयपुर

6. खैरथल-तिजारा

  • मूल जिला: अलवर
  • मुख्यालय: खैरथल
  • संभाग: जयपुर

7. फलौदी

  • मूल जिला: जोधपुर
  • मुख्यालय: फलौदी
  • संभाग: जोधपुर
  • तहसीलें: 8 (जोधपुर से अलग)

8. सलूंबर

  • मूल जिला: उदयपुर
  • मुख्यालय: सलूंबर
  • संभाग: उदयपुर
  • तहसीलें: 5 (सराड़ा, सेमारी, लसाड़िया, सलूंबर, झल्लारा)

प्रशासनिक संरचना

राज्य स्तर

  • राज्यपाल: संवैधानिक प्रमुख
  • मुख्यमंत्री: कार्यकारी प्रमुख
  • विधानसभा: एक सदनीय (200 सीटें)

संभाग स्तर

  • संभागीय आयुक्त: प्रशासनिक प्रमुख
  • कुल संभाग: 7

जिला स्तर

  • जिला कलेक्टर/DM: प्रशासनिक प्रमुख
  • कुल जिले: 41

उप-विभागीय स्तर

  • उप-विभाग: 244
  • SDO: प्रभारी अधिकारी

तहसील स्तर

  • तहसीलदार: प्रभारी अधिकारी
  • कुल तहसीलें: लगभग 295+

विशेष उपनाम और विशेषताएं

जिलों के उपनाम

  • जयपुर: गुलाबी नगरी (Pink City)
  • जोधपुर: सूर्य नगरी, ब्लू सिटी
  • उदयपुर: झीलों की नगरी, व्हाइट सिटी
  • जैसलमेर: स्वर्ण नगरी (Golden City)
  • बीकानेर: ऊंटों का देश
  • अजमेर: राजस्थान का हृदय
  • पुष्कर: तीर्थराज
  • भरतपुर: राजस्थान का प्रवेश द्वार
  • बांसवाड़ा: सौ द्वीपों का शहर
  • कोटा: शिक्षा नगरी
  • भीलवाड़ा: टेक्सटाइल सिटी
  • श्रीगंगानगर: अन्न का कटोरा

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