Aaj Ka Panchang in Hindi 2025 Today – 19 नवंबर 2025 (बुधवार) का विस्तृत हिंदी पंचांग

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आज का सरल पंचांग – आम लोगों के लिए संक्षिप्त सार

तारीख: 19 नवंबर 2025

दिन: बुधवार

हिंदू पंचांग के अनुसार:

  • मास: मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमान्त)
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • तिथि:
    • कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – सुबह लगभग 09:43 बजे तक
    • अमावस्या – 09:43 बजे के बाद
  • नक्षत्र:
    • स्वाति – सुबह 07:59 बजे तक
    • विशाखा – उसके बाद
  • योग:
    • सौभाग्य योग – सुबह लगभग 09:00 बजे तक
    • शोभन योग – उसके बाद
  • सूर्योदय: 06:47 AM (लगभग)
  • सूर्यास्त: 05:37 PM (लगभग)
  • राहुकाल: 12:12 PM – 01:33 PM

आज का संक्षिप्त सार: सुबह 9:43 बजे तक चतुर्दशी होने और स्वाति नक्षत्र व सौभाग्य योग के कारण अधिकांश शुभ कार्य किए जा सकते हैं। 9:43 बजे के बाद अमावस्या शुरू होने से नए कार्य, बड़े सौदे और विशेष शुभ कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है।

आज का विस्तृत हिंदी पंचांग (19 नवंबर 2025, बुधवार)

यह पंचांग मुख्य रूप से उज्जैन/उत्तर भारत मानक समय के आधार पर है। भारत के अन्य शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और कुछ मुहूर्तों में थोड़े बहुत मिनटों का अंतर हो सकता है।

तिथि, मास और पक्ष

  • तिथि:
    • कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – सुबह लगभग 09:43 बजे तक
    • कृष्ण पक्ष अमावस्या – 09:43 बजे के बाद
  • मास (पूर्णिमांत): मार्गशीर्ष
  • मास (अमान्त): कार्तिक
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • अयन: दक्षिणायन
  • ऋतु: हेमंत
  • विक्रम संवत: 2082
  • शक संवत: 1947

सूर्य और चंद्र स्थिति

  • वार: बुधवार
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि:
    • सुबह तक: तुला
    • दोपहर के बाद क्रमशः वृश्चिक की ओर संचरण

नक्षत्र, योग और करण

नक्षत्र:

  • स्वाति – सुबह 07:59 AM तक
    • यह नक्षत्र स्वतंत्रता, सीखने, यात्रा और डिजिटल/ऑनलाइन कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
  • विशाखा – 07:59 AM के बाद
    • लक्ष्य प्राप्ति, शोध, पढ़ाई और आध्यात्मिक प्रयत्नों के लिए अनुकूल माना जाता है।

योग:

  • सौभाग्य योग – सुबह लगभग 09:00 AM तक
    • भाग्य और शुभ फल देने वाला योग, विशेष रूप से पूजा, दान और शुभ आरंभ के लिए अनुकूल।
  • शोभन योग – 09:00 AM के बाद
    • घर, सौंदर्य, सजावट, कला, रचनात्मक कार्य और योजना बनाने के लिए अच्छा समय माना जाता है।

करण:

  • शकुनि – सुबह 09:44 AM तक
  • चतुष्पद – 09:44 AM से लगभग 11:00 PM तक
  • नाग – 11:00 PM के बाद

करण तिथि का आधा भाग होता है और विशेष रूप से यात्रा, हवन, यज्ञ और महत्वपूर्ण कार्यों के समय को देखते समय ध्यान में रखा जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चन्द्रास्त (Today Panchang)

  • सूर्योदय: लगभग 06:47 AM
  • सूर्यास्त: लगभग 05:37 PM
  • चंद्रोदय: लगभग 05:46 AM
  • चन्द्रास्त: लगभग 04:51 PM

अन्य शहरों जैसे दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, वाराणसी आदि में इन समयों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या ऐप से अपने क्षेत्र का सही समय अवश्य देखें।

अशुभ काल – राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक काल

आज बुधवार के दिन के लिए प्रमुख अशुभ काल इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 12:12 PM – 01:33 PM
    • इस समय किसी भी प्रकार का नया कार्य, नया सौदा, इंटरव्यू, महत्वपूर्ण मीटिंग, धन का बड़ा लेन–देन या यात्रा शुरू करने से बचना उचित माना जाता है।
  • यमगण्ड काल: 08:08 AM – 09:29 AM
    • यह समय बाधा और धीमे परिणामों से जुड़ा माना जाता है, अतः शुभ कार्यों से बचना अच्छा है।
  • गुलिक काल: 10:51 AM – 12:12 PM
    • कुछ परंपराओं में मिश्रित फल वाला, परंतु नए कार्य आरंभ करने के लिए पूरी तरह शुभ नहीं माना जाता।
  • दुर्मुहूर्त: लगभग 11:50 AM – 12:33 PM
  • वर्ज्य: लगभग 02:17 PM – 04:05 PM

इन कालों में विशेष रूप से विवाह, गृहप्रवेश, नया व्यवसाय, वाहन या संपत्ति का सौदा और बड़े अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने से बचना अच्छा होता है।

शुभ काल – चौघड़िया और ब्रह्म मुहूर्त

चौघड़िया के आधार पर दिन के शुभ और अशुभ समय निकाले जाते हैं। यहां दिन के लिए प्रमुख चौघड़िया दिए जा रहे हैं (लगभग):

दिन का चौघड़िया

समयचौघड़ियाफल
06:47 – 08:08 AMलाभअनुकूल
08:08 – 09:29 AMअमृतअत्यंत शुभ
09:29 – 10:51 AMकालअशुभ
10:51 – 12:12 PMशुभअच्छा
12:12 – 01:33 PMरोगअनुकूल नहीं
01:33 – 02:54 PMउद्वेगचिंता और अशांति
02:54 – 04:15 PMचरचल एवं सामान्य शुभ
04:15 – 05:37 PMलाभअनुकूल

अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया को विशेष रूप से अच्छा माना जाता है। छोटे–मोटे शुभ काम, ऑनलाइन फॉर्म भरना, सामान्य खरीदारी, पूजा–पाठ और परामर्श जैसे कार्य इन समयों में किए जा सकते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: लगभग 05:11 AM – 05:59 AM

यह समय जप, ध्यान, योग, मंत्र–पाठ, स्वाध्याय और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

विभिन्न प्रमुख पंचांगों में आज की तिथि

उत्तरी भारत का हिंदी पंचांग

  • तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी / अमावस्या
  • मास (पूर्णिमांत): मार्गशीर्ष
  • मास (अमान्त): कार्तिक
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

ज्यादातर हिंदी कैलेंडर और aaj ka hindi panchang इसी पद्धति का अनुसरण करते हैं।

गुजराती पंचांग

  • तिथि: कार्तक वद अमास
  • संवत: 2082 (Gujarati Samvat)
  • चंद्र मास: माघशर (पूर्णिमांत) / कार्तक (अमान्त)

गुजरात में कार्तिक अमावस्या का विशेष धार्मिक और व्यावसायिक महत्व हो सकता है, क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार।

दक्षिण भारतीय पंचांग (तेलुगु, तमिल, कन्नड़ आदि)

दक्षिण भारत में तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और अन्य पंचांगों में भी आज:

  • तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी / अमावस्या
  • नक्षत्र: स्वाति → विशाखा
  • योग: सौभाग्य → शोभन

फर्क केवल मास–नाम और कैलेंडर शैली में होता है, पर आज के फल और आज का panchang hindi today जैसा ही रहता है।

आज के लिए व्यावहारिक सलाह

सुबह 09:43 AM तक का समय

  • पूजा–पाठ, देव–स्मरण, मंत्र–जप
  • हनुमान चालीसा, शिव आराधना, विष्णु सहस्रनाम पाठ
  • अध्ययन, रिसर्च, ऑनलाइन कोर्स या महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट तैयार करना
  • पुराने अधूरे काम पूरे करना
  • वित्तीय योजना और हल्के निवेश संबंधी विचार

09:43 AM के बाद (अमावस्या प्रारंभ)

  • पितृ–तर्पण, दान, जप, ध्यान, आत्म–चिंतन जैसे कार्य
  • घर की सफाई, पूजा–घर की व्यवस्था, अनचाही वस्तुओं को हटाना
  • नए काम शुरू करने के बजाय पुरानी योजनाओं की समीक्षा और सुधार

किन कामों से बचें

  • नया व्यवसाय शुरू करना
  • बड़ी डील, प्रॉपर्टी या वाहन की खरीद
  • बड़े अनुबंधों पर हस्ताक्षर
  • राहुकाल और यमगण्ड के दौरान यात्रा और शुरुआत
  • बड़ा उधार देना या लेना

पंचांग क्या होता है

पंचांग का अर्थ है पांच अंगों वाला काल–निर्णय। ये पांच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पाँचों के आधार पर ही तय होता है कि कौन–सा समय शुभ है, कौन–सा साधारण और कौन–सा अशुभ।

  • तिथि: चंद्रमा की स्थिति के आधार पर दिन का भाग।
  • वार: रविवार से शनिवार तक सात दिन।
  • नक्षत्र: आकाश के 27 भाग, जिनमें आज स्वाति और विशाखा प्रभावी हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्र के दीर्घांश से बनने वाले विशेष योग, जो दिन को शुभ या अशुभ बनाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग, जो विशेष रूप से यज्ञ, हवन और यात्रा में महत्वपूर्ण होता है।

इन्हीं आधारों पर aaj ka panchang in hindi 2025 today, panchang hindi today, aaj ka hindi panchang और today panchang जैसी जानकारियां तैयार की जाती हैं।

निष्कर्ष

आज 19 नवंबर 2025, बुधवार का दिन सुबह 09:43 AM तक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी और उसके बाद अमावस्या तिथि से युक्त है। सुबह स्वाति नक्षत्र और सौभाग्य योग शुभता बढ़ाते हैं, जबकि बाद में विशाखा नक्षत्र और शोभन योग घर, योजना और साधना के लिए अच्छा समय प्रदान करते हैं।

राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक, दुर्मुहूर्त और वर्ज्य जैसे अशुभ काल में अत्यधिक महत्वपूर्ण और नए कार्यों से बचना उचित है। छोटे–मोटे कार्य लाभ, शुभ और अमृत चौघड़िया में करना बेहतर होता है।

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