आज का पंचांग: 20 नवंबर 2025 – Aaj Ka Panchang

प्रस्तावना

आज का पंचांग 20 नवंबर 2025 के लिए संपूर्ण विवरण के साथ यहाँ प्रस्तुत है। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है क्योंकि यह हमारे दैनिक जीवन में शुभ और अशुभ समय का निर्धारण करता है। पंचांग पाँच अंगों से मिलकर बना होता है – तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज के पंचांग में हम विस्तार से जानेंगे कि 20 नवंबर 2025 के दिन कौन-कौन से मुहूर्त शुभ हैं, कौन से कार्य करने चाहिए और किन कार्यों से बचना चाहिए।

20 नवंबर 2025 का पंचांग संक्षिप्त विवरण

दिनांक: 20 नवंबर 2025, गुरुवार
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
माह: कार्तिक (शुक्ल पक्ष)
तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया
पक्ष: कृष्ण पक्ष
वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)
नक्षत्र: कृत्तिका
योग: व्याघात
करण: बव (प्रथम अर्ध), बालव (द्वितीय अर्ध)
राशि: मेष
सूर्योदय: प्रातः 06:43 बजे (अनुमानित)
सूर्यास्त: सायं 05:32 बजे (अनुमानित)
चन्द्रोदय: प्रातः 07:15 बजे (अनुमानित)
चन्द्रास्त: सायं 06:45 बजे (अनुमानित)

पंचांग के पांच अंग – विस्तृत विवरण

1. तिथि (Tithi) – कृष्ण पक्ष द्वितीया

आज 20 नवंबर 2025 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। कृष्ण पक्ष वह समय होता है जब चंद्रमा घटता जाता है। द्वितीया तिथि का स्वामी ब्रह्मा देव को माना जाता है। यह तिथि सामान्यतः शुभ मानी जाती है लेकिन कृष्ण पक्ष होने के कारण कुछ विशेष कार्यों के लिए इसे ध्यान से चुनना चाहिए।

द्वितीया तिथि का महत्व:

  • इस तिथि पर गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व है
  • शिक्षा संबंधी कार्यों के लिए यह तिथि अनुकूल मानी जाती है
  • नए व्यापार की शुरुआत के लिए यह तिथि मध्यम फलदायी है
  • धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त समय है

तिथि समय:

  • द्वितीया तिथि प्रारंभ: 19 नवंबर 2025 को रात्रि 11:23 बजे से
  • द्वितीया तिथि समाप्त: 20 नवंबर 2025 को रात्रि 10:48 बजे तक

2. वार (Day) – गुरुवार

आज का दिन गुरुवार है जो बृहस्पति देव को समर्पित है। बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है और इन्हें ज्ञान, धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार का दिन अत्यंत शुभ और मांगलिक माना जाता है।

गुरुवार का महत्व:

  • गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा की जाती है
  • पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है
  • केले का दान करना अत्यंत फलदायी है
  • गुरुवार के दिन पीले रंग के फूल और चने की दाल का दान करना चाहिए
  • इस दिन व्रत रखने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं

गुरुवार को करने योग्य कार्य:

  • विवाह संस्कार और मांगलिक कार्य
  • नया व्यापार या नौकरी की शुरुआत
  • संपत्ति खरीदना या निवेश करना
  • शिक्षा संबंधी कार्य प्रारंभ करना
  • धार्मिक यात्रा या तीर्थ यात्रा का शुभारंभ

3. नक्षत्र (Nakshatra) – कृत्तिका

आज का नक्षत्र कृत्तिका है जो 27 नक्षत्रों में से तीसरा नक्षत्र है। कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी सूर्य देव हैं और इसकी अधिष्ठात्री देवता अग्नि हैं। यह नक्षत्र मेष और वृषभ राशि में विस्तृत है।

कृत्तिका नक्षत्र की विशेषताएं:

  • यह नक्षत्र तेज, साहस और पराक्रम का प्रतीक है
  • अग्नि तत्व की प्रधानता के कारण यह शुद्धिकरण का प्रतीक है
  • इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति तेजस्वी और साहसी होते हैं
  • कृत्तिका नक्षत्र में कार्य करने से बाधाओं का नाश होता है

कृत्तिका नक्षत्र का समय:

  • नक्षत्र प्रारंभ: 20 नवंबर प्रातः 04:30 बजे से (अनुमानित)
  • नक्षत्र समाप्ति: 21 नवंबर प्रातः 03:15 बजे तक (अनुमानित)

कृत्तिका नक्षत्र में करने योग्य कार्य:

  • शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के उपाय
  • साहस और पराक्रम बढ़ाने वाले कार्य
  • अग्नि संस्कार और हवन
  • नेतृत्व संबंधी निर्णय लेना

4. योग (Yoga) – व्याघात

आज का योग व्याघात है जो 27 योगों में से एक है। व्याघात योग को सामान्यतः अशुभ और कठिन योग माना जाता है। यह योग बाधाओं, विघ्नों और अप्रत्याशित कठिनाइयों का संकेत देता है।

व्याघात योग का प्रभाव:

  • इस योग में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए
  • यात्रा करना विशेष रूप से प्रतिकूल माना जाता है
  • विवाह और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य टालने चाहिए
  • व्यापारिक निर्णय लेने में सावधानी बरतें

व्याघात योग में करने योग्य कार्य:

  • पूर्व में शुरू किए गए कार्यों को जारी रखना
  • धार्मिक पूजा-पाठ और जप-तप
  • अध्ययन और ज्ञानार्जन
  • शत्रु नाश के उपाय

योग समय:

  • व्याघात योग प्रारंभ: 20 नवंबर प्रातः 09:45 बजे से
  • व्याघात योग समाप्त: 21 नवंबर प्रातः 07:30 बजे तक

5. करण (Karana) – बव और बालव

करण पंचांग का पांचवां और अंतिम अंग है। एक तिथि में दो करण होते हैं। आज 20 नवंबर को पहले भाग में बव करण और दूसरे भाग में बालव करण है।

बव करण:

  • बव करण चल करणों में से पहला करण है
  • यह करण नए कार्यों की शुरुआत के लिए मध्यम फलदायी है
  • व्यापार और वाणिज्य संबंधी कार्यों के लिए अनुकूल
  • समय: सूर्योदय से दोपहर तक

बालव करण:

  • बालव करण बल और शक्ति का प्रतीक है
  • सामाजिक कार्यों और सभा-समारोह के लिए उपयुक्त
  • धन संबंधी लेन-देन के लिए अनुकूल समय
  • समय: दोपहर से सूर्यास्त तक

राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल

राहु काल (Rahu Kaal)

राहु काल वह समय होता है जब राहु ग्रह का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इस समय को अशुभ माना जाता है और नए शुभ कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।

गुरुवार का राहु काल:

  • समय: दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक (अनुमानित)
  • अवधि: लगभग 1 घंटा 30 मिनट

राहु काल में वर्जित कार्य:

  • नया व्यापार या नौकरी शुरू करना
  • विवाह और सगाई जैसे मांगलिक कार्य
  • यात्रा प्रारंभ करना
  • संपत्ति खरीदना या बेचना
  • महत्वपूर्ण निर्णय लेना

राहु काल में करने योग्य कार्य:

  • राहु देव की पूजा और मंत्र जाप
  • पितरों का तर्पण
  • दान-पुण्य का कार्य (विशेष रूप से काले तिल और लोहे का दान)

यमगण्ड काल (Yamaghanta Kaal)

यमगण्ड काल भी अशुभ समय माना जाता है। इस समय को यम का समय कहा जाता है।

गुरुवार का यमगण्ड काल:

  • समय: प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक (अनुमानित)
  • अवधि: लगभग 1 घंटा 30 मिनट

इस समय भी शुभ और मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए।

गुलिक काल (Gulika Kaal)

गुलिक काल शनि के पुत्र गुलिक का समय होता है जो अशुभ माना जाता है।

गुरुवार का गुलिक काल:

  • समय: प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (अनुमानित)
  • अवधि: लगभग 1 घंटा 30 मिनट

अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat)

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। यह मध्याह्न के समय होता है और इसमें किए गए सभी कार्य सफल होते हैं। इस मुहूर्त में पंचांग के अन्य दोषों का प्रभाव नहीं होता।

20 नवंबर 2025 का अभिजित मुहूर्त:

  • समय: दोपहर 12:07 बजे से 12:55 बजे तक (अनुमानित)
  • अवधि: लगभग 48 मिनट

अभिजित मुहूर्त में करने योग्य कार्य:

  • विवाह और सगाई
  • नया व्यापार शुरू करना
  • यात्रा का शुभारंभ
  • संपत्ति खरीदना
  • परीक्षा या साक्षात्कार में जाना
  • महत्वपूर्ण बैठकें और निर्णय
  • धार्मिक अनुष्ठान

दिन और रात्रि के चौघड़िया (Choghadiya)

चौघड़िया मुहूर्त का एक महत्वपूर्ण अंग है जो दिन और रात को आठ भागों में विभाजित करता है।

दिन के चौघड़िया (20 नवंबर 2025)

  1. उद्वेग (अशुभ): प्रातः 06:43 से 08:19 बजे तक
  2. चर (शुभ): प्रातः 08:19 से 09:55 बजे तक
  3. लाभ (शुभ): प्रातः 09:55 से 11:31 बजे तक
  4. अमृत (अति शुभ): दोपहर 11:31 से 01:07 बजे तक
  5. काल (अशुभ): दोपहर 01:07 से 02:43 बजे तक
  6. शुभ (शुभ): दोपहर 02:43 से 04:19 बजे तक
  7. रोग (अशुभ): सायं 04:19 से 05:55 बजे तक

रात्रि के चौघड़िया (20-21 नवंबर 2025)

  1. चर (शुभ): सायं 05:32 से 07:08 बजे तक
  2. रोग (अशुभ): सायं 07:08 से 08:44 बजे तक
  3. काल (अशुभ): रात्रि 08:44 से 10:20 बजे तक
  4. लाभ (शुभ): रात्रि 10:20 से 11:56 बजे तक
  5. उद्वेग (अशुभ): रात्रि 11:56 से 01:32 बजे तक
  6. शुभ (शुभ): रात्रि 01:32 से 03:08 बजे तक
  7. अमृत (अति शुभ): प्रातः 03:08 से 04:44 बजे तक
  8. चर (शुभ): प्रातः 04:44 से 06:20 बजे तक

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

विवाह मुहूर्त (Marriage Muhurat)

20 नवंबर 2025 को व्याघात योग होने के कारण विवाह के लिए यह दिन सर्वथा उपयुक्त नहीं है। यदि अत्यंत आवश्यक हो तो अभिजित मुहूर्त में ही विचार किया जा सकता है।

गृह प्रवेश मुहूर्त (Griha Pravesh Muhurat)

गृह प्रवेश के लिए आज का दिन मध्यम फलदायी है।

  • शुभ समय: दोपहर 12:07 बजे से 12:55 बजे तक (अभिजित मुहूर्त)

संपत्ति क्रय मुहूर्त (Property Purchase Muhurat)

  • शुभ समय: प्रातः 09:55 से 11:31 बजे तक (लाभ चौघड़िया)
  • अति शुभ समय: दोपहर 11:31 से 01:07 बजे तक (अमृत चौघड़िया)

वाहन क्रय मुहूर्त (Vehicle Purchase Muhurat)

  • शुभ समय: दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक (अभिजित मुहूर्त)
  • अन्य शुभ समय: दोपहर 02:43 से 04:19 बजे तक

व्यापार प्रारंभ मुहूर्त (Business Starting Muhurat)

गुरुवार व्यापार शुरू करने के लिए अच्छा दिन है।

  • सर्वोत्तम समय: दोपहर 11:31 से 01:07 बजे तक
  • द्वितीय शुभ समय: प्रातः 09:55 से 11:31 बजे तक

यात्रा मुहूर्त (Travel Muhurat)

  • शुभ समय: प्रातः 08:19 से 09:55 बजे तक
  • सर्वोत्तम समय: दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक

अशुभ समय (Inauspicious Timings)

आज के दिन निम्नलिखित समय अशुभ हैं और इनमें कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए:

  1. राहु काल: दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक
  2. यमगण्ड काल: प्रातः 09:00 से 10:30 बजे तक
  3. गुलिक काल: प्रातः 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक
  4. व्याघात योग: पूरे दिन का प्रभाव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्य की स्थिति

  • राशि: वृश्चिक राशि
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र में गोचर
  • सूर्योदय: प्रातः 06:43 बजे (अनुमानित)
  • सूर्यास्त: सायं 05:32 बजे (अनुमानित)
  • दिन की अवधि: लगभग 10 घंटे 49 मिनट

चंद्रमा की स्थिति

  • राशि: मेष राशि
  • नक्षत्र: कृत्तिका नक्षत्र
  • चन्द्रोदय: प्रातः 07:15 बजे (अनुमानित)
  • चन्द्रास्त: सायं 06:45 बजे (अनुमानित)
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष (क्षयमान चंद्र)

त्यौहार और व्रत (Festivals and Fasts)

20 नवंबर 2025 को कोई बड़ा त्यौहार या व्रत नहीं है। यह एक सामान्य दिन है।

गुरुवार व्रत विधि

गुरुवार के दिन बृहस्पति देव और भगवान विष्णु का व्रत रखा जाता है।

व्रत विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें
  2. घर में गंगाजल का छिड़काव करें
  3. पूजा स्थान पर बृहस्पति देव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
  4. पीले फूल, चने की दाल, गुड़, केला आदि अर्पित करें
  5. बृहस्पति मंत्र का जाप करें: “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः”
  6. दीपक जलाकर आरती करें
  7. व्रत कथा सुनें या पढ़ें
  8. संध्या के समय भोजन ग्रहण करें

ग्रहों की स्थिति (Planetary Positions)

राशि अनुसार ग्रह स्थिति

  1. सूर्य: वृश्चिक राशि में
  2. चंद्रमा: मेष राशि में
  3. मंगल: कर्क राशि में (अनुमानित)
  4. बुध: धनु राशि में (अनुमानित)
  5. गुरु: वृषभ राशि में (अनुमानित)
  6. शुक्र: मकर राशि में (अनुमानित)
  7. शनि: कुंभ राशि में (अनुमानित)
  8. राहु: मीन राशि में (अनुमानित)
  9. केतु: कन्या राशि में (अनुमानित)

20 नवंबर को विशेष उपाय और टोटके

सामान्य उपाय

  1. प्रातःकाल का उपाय: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें
  2. गुरुवार विशेष: पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें और जल चढ़ाएं
  3. दान का महत्व: केला, पीली वस्तुएं, चने की दाल और गुड़ का दान करें
  4. मंत्र जाप: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें

व्याघात योग शांति के उपाय

  1. हनुमान चालीसा का पाठ करें
  2. रुद्र मंत्र का जाप करें
  3. शिव मंदिर में जल चढ़ाएं
  4. गरीबों को भोजन कराएं

कृष्ण पक्ष के उपाय

  1. पितरों का तर्पण करें
  2. काले तिल का दान करें
  3. गरीबों की सहायता करें
  4. मंदिर में दीपक जलाएं

राशि अनुसार दिन का फल (Daily Horoscope)

मेष राशि

आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा। व्यापार में नई योजनाएं बनाने का अच्छा समय है। परिवार के साथ समय बिताएं।

वृषभ राशि

धन लाभ की संभावना है। गुरु का आशीर्वाद आप पर बना रहेगा। व्यापारिक यात्रा लाभदायक रहेगी।

मिथुन राशि

मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग करें। कार्यक्षेत्र में सतर्कता बरतें। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है।

कर्क राशि

आज का दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पारिवारिक मामलों में धैर्य रखें।

सिंह राशि

नौकरी में प्रगति की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।

कन्या राशि

शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यय पर नियंत्रण रखें।

तुला राशि

व्यापार में लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

वृश्चिक राशि

आत्मविश्लेषण का समय है। नए निर्णय लेने से पहले सोच-विचार करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

धनु राशि

भाग्य का साथ मिलेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे। आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।

मकर राशि

कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। धन आगमन के योग हैं।

कुंभ राशि

मित्रों के साथ अच्छा समय बिताएं। नई योजनाओं पर विचार करें। सामाजिक कार्यों में भागीदारी लें।

मीन राशि

परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। भावनात्मक संतुलन बनाए रखें। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।

आज करने योग्य और न करने योग्य कार्य

करने योग्य कार्य

  1. धार्मिक कार्य: पूजा-पाठ, हवन, मंत्र जाप
  2. शिक्षा संबंधी: अध्ययन, नए कोर्स में प्रवेश
  3. व्यापार: चालू व्यापार का संचालन, लेखा-जोखा
  4. दान-पुण्य: गरीबों की सहायता, अन्नदान
  5. स्वास्थ्य: योग, व्यायाम, ध्यान
  6. सामाजिक: मित्रों से मिलना, सामाजिक कार्य

न करने योग्य कार्य

  1. विवाह और सगाई: व्याघात योग के कारण वर्जित
  2. गृह प्रवेश: आज से बचें (आवश्यक हो तो अभिजित मुहूर्त में)
  3. लंबी यात्रा: विशेष रूप से राहु काल में
  4. बड़े निवेश: सावधानी से ही करें
  5. झगड़े-विवाद: किसी से वाद-विवाद से बचें
  6. ऋण लेना: आज ऋण लेने से बचें

ऋतु और मौसम

20 नवंबर को हेमंत ऋतु का समय है। यह वर्ष की छह ऋतुओं में से एक है जो नवंबर-दिसंबर में होती है। इस समय सर्दी की शुरुआत होती है और मौसम सुहावना रहता है।

स्वास्थ्य सुझाव:

  • गर्म कपड़े पहनें
  • गर्म पानी का सेवन करें
  • मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें
  • तेल मालिश करें
  • योग और प्राणायाम नियमित करें

पंचांग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

पंचांग क्यों महत्वपूर्ण है?

पंचांग हिंदू धर्म में दैनिक जीवन का मार्गदर्शक है। यह हमें बताता है कि:

  1. कौन सा समय किस कार्य के लिए उपयुक्त है
  2. शुभ और अशुभ मुहूर्त का निर्धारण
  3. त्यौहारों और व्रतों की तिथियां
  4. ग्रहों की स्थिति और उनका प्रभाव
  5. मौसम और ऋतु परिवर्तन

पंचांग का उपयोग कैसे करें?

  1. दैनिक जीवन में: रोज सुबह पंचांग देखें और दिन की योजना बनाएं
  2. मांगलिक कार्यों में: विवाह, गृह प्रवेश आदि के लिए मुहूर्त देखें
  3. व्यापार में: नया व्यापार शुरू करने या बड़े निर्णय लेने के लिए
  4. यात्रा में: यात्रा का शुभ समय जानने के लिए
  5. धार्मिक कार्यों में: पूजा-पाठ और व्रत के लिए

निष्कर्ष

20 नवंबर 2025 का पंचांग कुल मिलाकर मध्यम फलदायी है। गुरुवार होने के कारण यह दिन शुभ है लेकिन व्याघात योग होने से कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं। दिन के शुभ मुहूर्तों का सदुपयोग करें और अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचें।

अभिजित मुहूर्त और अमृत चौघड़िया के समय में किए गए कार्य विशेष फलदायी होंगे। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए यह दिन अच्छा है। व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य रूप से जारी रखा जा सकता है लेकिन बड़े निर्णय लेने से पहले सावधानी बरतें।

गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की पूजा और व्रत रखने से विशेष लाभ मिलता है। पीले रंग के वस्त्र धारण करें, केले का दान करें और चने की दाल का प्रसाद बनाएं।

अपने दिन को पंचांग के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से व्यतीत करें और सकारात्मक परिणाम प्राप्त करें। राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल के समय सतर्क रहें और व्याघात योग के प्रभाव को कम करने के लिए उपाय करें।

शुभ दिन की कामना के साथ!


नोट: यह पंचांग सामान्य गणना पर आधारित है। सटीक समय के लिए अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से मिलान करें या किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लें। विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय समय में अंतर हो सकता है।

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